Tuesday, June 30, 2009

जय श्री कृष्ण


जय श्री कृष्ण

हिन्दी अनुवाद -

यज्ञ से बचे अन्न को खाने वाले श्रेष्ठ,
सब पापों से मुक्त हो जाते,
परंतु जो मात्र अपने पोषण को पकाते,
वे तो बस पाप ही खाते. अ. 3 श्ल. 13

आगे -

अन्नद्भवन्ति भूतानि पर्जन्यादन्नसम्भवह.
यज्ञाद्भवति पर्जन्यो यज्ञः कर्मसमुद्भवः..

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 14

No comments:

Post a Comment