Friday, August 28, 2009
Saturday, August 22, 2009
जय श्री कृष्ण
Saturday, August 15, 2009
जय श्री कृष्ण
ॐ
जय श्री कृष्णहिन्दी अनुवाद -
अर्जुन बोले - कैसे मान लूं,
तुम अभी जन्में हाल में,
सूर्य का जन्म पुराना,
अर्थात कल्प के आदि से,
कैसे मानूं की तुमने कहा,
यह योग सूर्य से? अ.4 श्ल. 4
आगे -
श्रीभगवानुवाच
बहुनि मे व्यतीतानी जन्मानि तव चार्जुन.
तान्यहम वेद सर्वाणी न त्वम् वेत्थ परन्तप..
श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 5
श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 5
Saturday, August 8, 2009
जय श्री कृष्ण
ॐजय श्री कृष्ण
हिन्दी अनुवाद -
इस प्रकार हे परन्तप ! परम्परा से,
प्राप्त इस योग को राजर्षियोँ ने जाना,
किन्तु इसके उपरांत बहुत काल से,
ये योग पृथ्वी लोक से रहा लुप्तप्राय व अनजाना. अ. 4 श्ल. 2
आगे -
स एवायं मया तेअद्य योगः प्रोक्तः पुरातनः.
भक्तोअसि मे सखा चेति रहस्यं ह्येतदुत्तमम..
श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 3
Tuesday, August 4, 2009
जय श्री कृष्ण
ॐजय श्री कृष्ण
हिन्दी अनुवाद -
श्रीभगवान बोले सुन मैने पूर्व काल में,
इस अविनाशी योग को कहा था सूर्य से,
सूर्य ने अपने पुत्र वैवस्वत मनु से,
वैवस्वत मनु ने कहा तब अपने पुत्र राजा इक्ष्वाकु से.अ. 4 श्ल. 1
आगे -
एवं परंपराप्राप्तमिमं राजर्षायो विदुः.
स कालेनेह महता योगो नष्टः परंतप..
श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 2
Saturday, August 1, 2009
जय श्री कृष्ण
ॐजय श्री कृष्ण
हिन्दी अनुवाद -
बुद्धि से पर, सूक्ष्म, बलवान,
व अत्यंत श्रेष्ठ आत्मा को पहचान,
बुद्धि के द्वारा, मन वशमें करके,
हे महाबाहो ! जाओ जीत लो काम,
इस दुर्जय शत्रु को कर दो तमाम.अ.3 श्ल. 43
आगे -
श्रीभगवानुवाच
इमम् विवस्वते योगं प्रोक्तवानहमव्ययम् .
विवस्वान्मनवे प्राह मनुरिक्श्वाकवेब्रवीत..
श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 1
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