Sunday, July 29, 2018

#https://www.facebook.com/groups/1791795617554151/
कृपया इस फेसबुक पेज पर जरुर दर्शन दें, बहुत कृपा होगी।
Please do visit this facebook page 'जीवन' it will be pleasure
#https://www.facebook.com/groups/1791795617554151/
#exercise


Tuesday, December 29, 2015

Saturday, April 3, 2010

जय श्री कृष्ण


जय श्री कृष्ण

कई पुरुष द्रव्यसंबंधी यज्ञ करें,
कितने तपस्या रूप यज्ञ करें,
कई योग रूप यज्ञ करते,
कितने अहिंसादि तीक्ष्ण व्रतों
से युक्त यत्नशील पुरुष,
स्वाध्याय रूप ज्ञान यज्ञ करते हैं. अ 4 श्ल 28

और भी -

अपाने जुव्हति प्राणं प्राणेपानं तथापरे.
प्राणापानगती रुद्ध्वा प्राणायामपरायणाः..

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 29

Friday, February 12, 2010

जय श्री कृष्ण




जय श्री कृष्ण

अन्य योगी सन्यमाग्नि में,
श्रोत्रादि समस्त इंद्रियों को हवन करते हैं,
दूसरे कई योगी शब्दादि समस्त विषयों को,
इंद्रिय रूप अग्नि में हवन करते हैं. अ.4 श्ल. 26

और -

सर्वानीन्द्रीयकर्मानी प्राणकर्मानी चापरे.
आत्मसंयमयोगागनौ जुह्वति ज्ञानदीपिते..

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 27

Saturday, February 6, 2010

जय श्री कृष्ण

जय श्री कृष्ण
हिन्दी अर्थ -

दूसरे कई योगीजन,
देवता पूजन यज्ञ का,
भलीभांति अनुष्ठान करते हैं,
और कई परब्रह्म परमात्मा,
रूप अग्नि में अभेददर्शन रूप,
यज्ञ के द्वारा आत्मरूप यज्ञ,
का हवन करते हैं. अ. 4 श्ल. 25

और -

श्रोत्रादिनीन्द्रियन्ये संयामागनीषु जुव्हती.
शब्दादिन्विश्यान्य इन्द्रियाग्निशु जुव्हती..

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 26