Saturday, January 23, 2010

जय श्री कृष्ण


जय श्री कृष्ण

हिन्दी अनुवाद -

जिस यज्ञ में अर्पण ब्रह्म है,
हवन किया द्रव्य ब्रह्म है,
और ब्रह्म कर्ता द्वारा,
ब्रह्म रूप अग्नि में,
आहुति भी ब्रह्म है,
उस ब्रह्म कर्म में,
प्राप्त फल भी ब्रह्म है. अ.4 श्ल. 24

और -
दैवमेवापरे यज्ञं योगिनः पर्युपासते.
ब्रह्मग्नावपरे यज्ञं यग्नेनैवोपजुव्हति..

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 25

Sunday, January 17, 2010

जय श्री कृष्ण



जय श्री कृष्ण
हिन्दी अर्थ -

जिसकी आसक्ति नष्ट हुई है,
जिसमें देहाभिमान नहीं,
जो ममता से रहित है,
जो सदैव परमात्मा में स्थित है,
ऐसा यज्ञ संपादन हेतु कर्मी के,
सारे कर्म विलीन हो जाते हैं. स.4 श्ल. 23
और -

ब्रह्मार्पणम ब्रह्म हविर्ब्रह्मग्नौ ब्रह्मणा हुतम्.
ब्रह्म्नैव तेन गंतव्यं ब्रह्मकर्मसमाधिना..

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 24

जय श्री कृष्ण

जय श्री कृष्ण

जय श्री कृष्ण

जय श्री कृष्ण