
जय श्री कृष्ण
हिन्दी अर्थ -
जिसकी आसक्ति नष्ट हुई है,
जिसमें देहाभिमान नहीं,
जो ममता से रहित है,
जो सदैव परमात्मा में स्थित है,
ऐसा यज्ञ संपादन हेतु कर्मी के,
सारे कर्म विलीन हो जाते हैं. स.4 श्ल. 23
और -
ब्रह्मार्पणम ब्रह्म हविर्ब्रह्मग्नौ ब्रह्मणा हुतम्.
ब्रह्म्नैव तेन गंतव्यं ब्रह्मकर्मसमाधिना..
श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 24
हिन्दी अर्थ -
जिसकी आसक्ति नष्ट हुई है,
जिसमें देहाभिमान नहीं,
जो ममता से रहित है,
जो सदैव परमात्मा में स्थित है,
ऐसा यज्ञ संपादन हेतु कर्मी के,
सारे कर्म विलीन हो जाते हैं. स.4 श्ल. 23
और -
ब्रह्मार्पणम ब्रह्म हविर्ब्रह्मग्नौ ब्रह्मणा हुतम्.
ब्रह्म्नैव तेन गंतव्यं ब्रह्मकर्मसमाधिना..
श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 24

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