Friday, February 12, 2010
Saturday, February 6, 2010
जय श्री कृष्ण
जय श्री कृष्णहिन्दी अर्थ -
दूसरे कई योगीजन,
देवता पूजन यज्ञ का,
भलीभांति अनुष्ठान करते हैं,
और कई परब्रह्म परमात्मा,
रूप अग्नि में अभेददर्शन रूप,
यज्ञ के द्वारा आत्मरूप यज्ञ,
का हवन करते हैं. अ. 4 श्ल. 25
और -
श्रोत्रादिनीन्द्रियन्ये संयामागनीषु जुव्हती.
शब्दादिन्विश्यान्य इन्द्रियाग्निशु जुव्हती..
श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 26
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