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जय श्री कृष्ण
ॐजय श्री कृष्णहिन्दी अनुवाद - तू है मेरा प्रिय सखा और भक्त,तभी वही पुरातन योग कहा,क्योंकि यह है उत्तम रहस्य,और गोपनीय विषय रहा.अ. 4 श्ल. 3आगे - अर्जुन उवाचअपरम् भवतो जन्म परम् जन्म विवस्वतः.कथमेतद्विजनियाम त्वमादौ प्रोक्तवानिति..श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 4
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