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जय श्री कृष्ण

ॐ
जय श्री कृष्णहिन्दी अनुवादइन्द्रियाँ जिसकी , इंद्रियों के विषयों से, सब प्रकार वश में हुई हैं, इन्द्रियाँ सुलझी उसकी,महाबाहो ! समझ उसीकी बुद्धि स्थिर है. अ. 2. श्लो. 68आगे
या निशा सर्वभूतानाम तस्यां जागर्ति संयमी.यस्यां जाग्रति भूतानि सा निशा पश्यतो मुनेः..श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 69
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