Sunday, June 21, 2009

जय श्री कृष्ण


जय श्री क्रिष्ण


हिन्दी अनुवाद -


मानव कर्मों को छोड़,
न बनें कर्मयोगी,
न सब त्याग कर,
बने ज्ञानयोगी. अ. 3. श्ल. 4


आगे -


न हि कश्चित्क्षणमपि जातु तिष्ठत्यकर्मकृत.
कार्यते ह्यवशः कर्म सर्वः प्रकृतिजैर्गुणैः ..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 5




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