Friday, June 26, 2009

जय श्री कृष्ण



जय श्री कृष्ण

हिन्दी अनुवाद -

यज्ञ के निमित्त न कर,
अन्यत्र कर्मों में बंधे इंसान,
कौन्तेय आसक्तिरहित होकर ,
तू ये अपना परमधर्म मान,
कि विष्णु या यज्ञ के निमित्त ही,
भक्तिसहित कर्म् करना पहचान. अ. 3 श्ल. 9

आगे -

सहयज्ञाः प्रजाः सृष्ट्वा पुरोवाच प्रजापतिः.
अनेन प्रसविष्यध्वमेष वोस्त्विष्टकामधुक..

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 10

No comments:

Post a Comment