Saturday, June 20, 2009

जय श्री कृष्ण


जय श्री कृष्ण


हिन्दी अनुवाद -


भगवन बोले हे निष्पाप सुनो लोक मे,
दो ही निष्ठा कही गई हैं मुझ से,
सांख्ययोग की ज्ञान योग से,
और योग की कर्मयोग से. अ.4 श्ल. 3


आगे -


न कर्मणामनारम्भान्नैष्कर्मयम् पुरुशोश्नुते.
न च सन्न्यसनादेव सिद्धिं समधिगच्छति..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 4

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