Saturday, June 6, 2009

जय श्री कृष्ण


जय श्री कृष्ण


हिन्दी अनुवाद


तो हे अर्जुन साधक को चाहिए,
मेरा ध्यान करता रहे,
और वश में करले सब इन्द्रियाँ,
तब हि बुद्धि ये स्थिर रहे. अ.2 श्ल. 61


आगे


ध्यायतो विषयान पुंसः सन्गस्तेशुप्जायते.
सन्गात्सन्जायते कामः कामात्क्रोधोभिजायते..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 62

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