Wednesday, June 10, 2009

जय श्री कृष्ण


जय श्री कृष्ण


हिन्दी अनुवाद


अंतःकरण की प्रसन्नता पाकर,
दुःख सारे दूर दूर भागें,
प्रसन्न कर्मयोगी सबसे ध्यान हटाकर,
तब परमात्मा में ही लागे. अ. 2 श्ल. 65


आगे


नास्ति बुद्धिरयुक्तस्य न चायुक्तस्य भावना.
न चाभावयतः शान्तिरशान्तस्य कुतः सुखं..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 66

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