Wednesday, June 24, 2009

जय श्री कृष्ण


जय श्री कृष्ण


हिन्दी अनुवाद -


जो मन से करे,
इंद्रियों पे काबु,
अनासक्त हो करे,
कर्मयोग लागु,
कर्मेन्द्रियों से जो ये करे,
वही श्रेष्ठ है साधु, अ. 4 श्ल. 7


आगे -


नियतम कुरु कर्म त्वम् कर्म ज्यायो ह्यकर्मणः.
शरीरयात्रापि च ते न प्रसिद्धएदकर्मणः..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 8

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