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जय श्री कृष्ण

ॐ
जय श्री कृष्णहिन्दी अनुवाद - जो मन से करे,इंद्रियों पे काबु,अनासक्त हो करे,कर्मयोग लागु,कर्मेन्द्रियों से जो ये करे,वही श्रेष्ठ है साधु, अ. 4 श्ल. 7आगे -नियतम कुरु कर्म त्वम् कर्म ज्यायो ह्यकर्मणः.शरीरयात्रापि च ते न प्रसिद्धएदकर्मणः..श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 8
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