Friday, June 5, 2009

जय श्री कृष्ण


जय श्री कृष्ण


हिन्दी अनुवाद


आसक्ति का नाश न हो तो,
उद्यत करने वाली इन्द्रियाँ,
यत्न करते पुरुष की भी,
बुद्धि हर लें ये बिजलियाँ. अ.2 श्ल. 60


आगे


तानि सर्वानि संयम्य युक्त आसीत् मत्परः.
वशे हि यस्येन्द्रियाणि तस्य प्रज्ञा प्रतिष्ठिता..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 61.

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