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जय श्री कृष्ण

ॐ
जय श्री कृष्णहिन्दी अनुवाद - इंद्रियों को विषयों से,जो जोर लगाके रोकता है,पर हरदम सोचे उनके बारे में,वह मूढ़ , झूठा और दंभी है. अ. 3 श्ल. 6आगे -यस्त्विन्द्रियाणि मनसा नियम्यारभतेअर्जुन.कर्मेन्द्रियैः कर्मयोगमसक्तः स विशिष्यते..श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 7
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