Monday, June 8, 2009

जय श्री कृष्ण


जय श्री कृष्ण


हिन्दी अनुवाद


क्रोध से बड़े मूढ़ भाव,
मूढ़ भाव से स्मृति भ्रम व भास ,
स्मृति भ्रम से हो बुद्धि नाश,
बुद्धि नाश से होवे विनाश. अ.2 श्लो. 63


आगे


रागद्वेषवियुक्तेस्तु विश्यानिन्द्रियैश्चरन.
आत्मवश्यैर्विधेयात्मा प्रसादमधिगच्छती..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 64

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