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जय श्री कृष्ण

ॐ
जय श्री कृष्णहिन्दी अनुवादक्रोध से बड़े मूढ़ भाव,मूढ़ भाव से स्मृति भ्रम व भास ,स्मृति भ्रम से हो बुद्धि नाश,बुद्धि नाश से होवे विनाश. अ.2 श्लो. 63आगेरागद्वेषवियुक्तेस्तु विश्यानिन्द्रियैश्चरन.आत्मवश्यैर्विधेयात्मा प्रसादमधिगच्छती..श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 64
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