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जय श्री कृष्ण

ॐ
जय श्री कृष्णहिन्दी अनुवादअपने अधीन अंतःकरण जिसका रहता है, अपनी राग द्वेष रहित, वश में की,इंद्रियों के साथ जो विचरता है,अन्तःकरण की प्रसन्नता को ही प्राप्त करता है. अ. 2 श्ल. 64आगेप्रसादे सर्वदुःखानां हानिरस्योप्जायते.प्रसन्नचेतसो ह्याशु बुद्धिः पर्यवतिष्ठते..श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 65
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