Tuesday, June 9, 2009

जय श्री कृष्ण


जय श्री कृष्ण


हिन्दी अनुवाद


अपने अधीन अंतःकरण जिसका रहता है,
अपनी राग द्वेष रहित, वश में की,
इंद्रियों के साथ जो विचरता है,
अन्तःकरण की प्रसन्नता को ही प्राप्त करता है. अ. 2 श्ल. 64


आगे


प्रसादे सर्वदुःखानां हानिरस्योप्जायते.
प्रसन्नचेतसो ह्याशु बुद्धिः पर्यवतिष्ठते..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 65

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