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जय श्री कृष्ण
ॐ
जय श्री कृष्णहिन्दी अनुवाद -इसलिए हे अर्जुन ! वश में कर ले इन्द्रियाँ, न रख कोई मलाल,ज्ञान व विज्ञान के महान नाशक काम को, बलपूर्वक मार डाल. अ. 3. श्ल. 41आगे - इन्द्रियाँनि पराण्याहूरिंद्र्येभयः परम् मनः.मनसस्तु परा बुद्धिर्यो बुद्धेः परतस्तु सः..श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 42
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