Wednesday, July 29, 2009

जय श्री कृष्ण

जय श्री कृष्ण


हिन्दी अनुवाद -


इन्द्रियाँ, मन, बुद्धि रहे सदा काम के वास,
मोहित करे इंसान को ढके ज्ञान की आस. आ. 3 श्ल.40


आगे -


तस्मात्त्वमिन्द्रियान्यादौ नियम्य भरतर्षभ.
पाप्मानं प्रजहि ह्येनं ज्ञानविज्ञाननाशनम..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 41

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