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जय श्री कृष्ण
ॐ
जय श्री कृष्णहिन्दी अनुवाद - इन्द्रियाँ, मन, बुद्धि रहे सदा काम के वास,मोहित करे इंसान को ढके ज्ञान की आस. आ. 3 श्ल.40आगे -तस्मात्त्वमिन्द्रियान्यादौ नियम्य भरतर्षभ.पाप्मानं प्रजहि ह्येनं ज्ञानविज्ञाननाशनम.. श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 41
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