Monday, July 13, 2009

जय श्री कृष्ण

जय श्री कृष्ण


हिन्दी अनुवाद -


परमात्मा में स्थित ज्ञानी जन,
शास्त्रविहित कर्मों में आसक्ति वाले,
अज्ञानी जनों की बुद्धि में सुन,
भ्रम या अश्रद्धा न उत्पन्न करे,
स्वयं शास्त्रविहित कर्म करे,
व उनसे भी वैसे हो प्रयत्न करे. आ. 3 श्ल. 26


आगे -


प्रकृतेः क्रियमाणानि गुणैः कर्मानि सर्वशः.
अहंकारविमूढात्मा कर्ताहमिति मन्यते..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 27


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