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जय श्री कृष्ण
ॐ
जय श्री कृष्णहिन्दी अनुवाद -अच्छी प्रकार आचरण लाए, परधर्म से स्वधर्म आला है,अपने निर्गुण धर्म में मरना श्रेयकाए,दूसरे का उत्तम भी भय वाला है.अ. 3 श्ल. 35आगे - अर्जुन उवाचअथ केन प्रयुक्तोयं पापं चरति पुरुषः.अनिच्छन्नपि वार्ष्णेय बलादिव नियोजितः..श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 36
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