skip to main |
skip to sidebar
जय श्री कृष्ण
ॐजय श्री कृष्णहिन्दी अनुवाद -मुझ अंतर्यामी परमात्मा में,हमेशा ध्यान रखकर,संपूर्ण कर्मों को मुझमें,पूर्णतया अर्पण कर,और आशारहित, ममतारहित व,संतापरहित हो युद्ध कर. अ. 3 श्ल. 30आगे -ये मे मतमिदं नित्यमनुतिष्ठन्ति मानवाः.श्रद्धावन्तोनसुयन्तो मुच्यन्ते तेपि कर्मभिः..श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 31
No comments:
Post a Comment