Wednesday, July 15, 2009

जय श्री कृष्ण


जय श्री कृष्ण


हिन्दी अनुवाद -


हे महाबाहो ! गुणविभाग,
कर्मविभाग के ज्ञाता व ज्ञानयोगी,
गुण ही गुणों में बरतें ये जान,
न होवें उनमें आसक्त भागी. अ. 3 श्ल. 28


आगे -


प्रकृतेर्गुंणसम्मूढाः सज्जन्ते गुणकर्मसु,
तानकृत्स्न्नविदो मन्दान्कृत्स्न्नविन्न विचालयेत..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 29

No comments:

Post a Comment