Friday, July 24, 2009

जय श्री कृष्ण


जय श्री कृष्ण


हिन्दी अनुवाद -


श्री भगवान बोले,
रजोगुण से उत्पन्न काम ही क्रोध है,
बहुत खाने व भोगों से न तृप्त होने वाला है,
बड़ा पापी, इस विषय में यही तेरा शत्रु है,
यही तो पाप करने और करवाने वाला है. अ. 3 श्ल. 37


आगे -


धूमेनाव्रियते वन्हिर्यथादर्शो मलेन च.
यथोल्बेनावृतो गर्भस्तथा तेनेदमावृतम्..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 38

No comments:

Post a Comment