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जय श्री कृष्ण
ॐ
जय श्री कृष्णहिन्दी अनुवाद - परन्तु जो मनुष्य मुझमें,दोष देखते हैं,मेरे मत अनुसार,नहीं चलते हैं,वे मूर्ख सब ज्ञानों में मोहित,नष्ट हो जाते हैं. अ. 3 श्लो. 32आगे - सदृशम् चेष्टते स्वस्याः प्रकृते:ज्ञानवानपि,प्रकृतिं यान्ति भूतानि निग्रहः किं करिष्यति..श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 33
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