Sunday, July 5, 2009

जय श्री कृष्ण


जय श्री कृष्ण


हिन्दी अनुवाद -


उस महापुरुष का कोई प्रयोजन न विश्व में,
चाहे कुछ करे न करे,
इसी तरह उसका कोई स्वार्थ नहीं जगत में,
चाहे जहाँ भी रहे. अ. 3 श्लो. 18


आगे -


तस्मादसक्तः सततं कार्यं कर्म समाचर् .
असक्तो ह्याचरन्कर्म प्रमाप्नोति पुरुषः..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 19

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