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जय श्री कृष्ण

ॐ
जय श्री कृष्णहिन्दी अनुवाद - उस महापुरुष का कोई प्रयोजन न विश्व में,चाहे कुछ करे न करे,इसी तरह उसका कोई स्वार्थ नहीं जगत में,चाहे जहाँ भी रहे. अ. 3 श्लो. 18आगे -तस्मादसक्तः सततं कार्यं कर्म समाचर् .असक्तो ह्याचरन्कर्म प्रमाप्नोति पुरुषः..श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 19
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