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जय श्री कृष्ण
ॐजय श्री कृष्णहिन्दी अनुवाद -सब प्राणी करें काम,प्रकृति के वश होकर,ज्ञानवान भी करें काम,स्वप्रकृति के वश होकर,फिर इसमें सोचो क्या करें,बरबस जोर लगाकर.अ.3 श्ल. 33आगे -इन्द्रियस्येइन्द्रियस्यार्थे रागद्वेषौ व्यवस्थितौ,त्योर्न वशहमागच्छेत्तौ ह्यस्य परिपन्थिनौ..श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 श्लोक 34
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