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जय श्री कृष्ण
ॐ
जय श्री कृष्णहिन्दी अनुवादसमबुद्धि योगी त्यागे,पाप और पुण्य,इसी लोक में,तो लग जा इसमें,यही कर्म कुशलता, और मुक्ति इसमें. अ. 2 श्ल. 50आगे
कर्मजं बुद्दियुक्ता हि फलम त्यक्त्वा मनीषिणः.जन्मबन्धविनिर्मुक्ताः पदं गच्छन्त्यनामयम्..श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 51
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