Saturday, May 23, 2009

जय श्री कृष्ण


जय श्री कृष्ण


हिन्दी अनुवाद


कर्म करने पर अधिकार,
फल पर कोई नहीं,
फल पाने का लोभ न कर,
कर्म तजने की आसक्ति नहीं. अ. 2 श्ल. 48


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योगस्थः कुरु कर्मानी संगम् त्यक्त्वा धनंजय.
सिद्ध्यसिद्ध्योः समो भूत्वा समत्वँ योग उच्यते..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 48


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