Wednesday, May 27, 2009

जय श्री कृष्ण

जय श्री कृष्ण


हिन्दी अनुवाद


समत्वबुद्धि से युक्त हो ज्ञानी,
कर्मफल त्याग कर पाएँ,
बन्धनमुक्त होकर फिर वे,
अचल परमपद पा जावें. अ. 2 श्ल. 51


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यदा ते मोहकलिलम् बुद्धिर्व्यतितरिश्यति.
तदा गन्तासी निर्वेदं श्रोतव्यस्य श्रुतस्य च..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 52

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