Friday, May 29, 2009

जय श्री कृष्ण


जय श्री कृष्ण


हिन्दी अनुवाद


भिन्न श्रुतियों से भ्रांत, जब बाहर आएगी,
तेरी बुद्दि जब ईश्वर में स्थिर हो जाएगी,
तभी इस योग में अचल व रब्ब में नित्य रह पाएगी. अ. 2 श्ल. 53


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अर्जुन उवाच
स्थितप्रज्ञस्य का भाषा समाधिस्थस्य केशव.
स्थितधीः किं प्रभाषेत किमासीत व्रजेत किम..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 54

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