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जय श्री कृष्ण
ॐ
जय श्री कृष्णहिन्दी अनुवादपूर्ण जलाशय मिल जाने पर,ज्यों छोटे संच की आस,ब्रह्मा को पा जाने पर,त्यों वेदों की प्यास. अ. 2 श्ल. 46आगेकर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन.मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सॅंगोअस्त्वकर्मणि.. श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 47
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