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जय श्री कृष्ण
ॐ
जय श्री कृष्णहिन्दी अनुवाद -जो फल को चाहें लोक में,भजते अन्य देवता, इससे उनके कर्मों का फल,शीग्र देवें देवता. अ. 4 श्ल. 12आगे - चातुर्वर्ण्यम् मया सृष्टं गुणकर्मविभागश:.तस्य कर्तारमपी मां विद्धयकर्तारमव्ययम..श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 13
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