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जय श्री कृष्ण
ॐ
जय श्री कृष्णहिन्दी अनुवाद - हे अर्जुन मेरे जन्म और कर्म दिव्य हैं ,इस तरह जो तत्वतः जान जाए,वह शरीर को त्याग कर मुझे पा जाए,बार बार जन्म मरण से मुक्त हो जाए. अ. 4 श्ल. 9आगे - वीतरागभयक्रोधा मन्मया मामुपाश्रिता:.बहवो ज्ञान तपसा पूता मद्भावमागताः ..श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 10.
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