Sunday, September 20, 2009

जय श्री कृष्ण

जय श्री कृष्ण


हिन्दी अनुवाद -


हे अर्जुन मेरे जन्म और कर्म दिव्य हैं ,
इस तरह जो तत्वतः जान जाए,
वह शरीर को त्याग कर मुझे पा जाए,
बार बार जन्म मरण से मुक्त हो जाए. अ. 4 श्ल. 9


आगे -


वीतरागभयक्रोधा मन्मया मामुपाश्रिता:.
बहवो ज्ञान तपसा पूता मद्भावमागताः ..


श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 4 श्लोक 10.

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