
ॐ
जय श्री कृष्ण
हिन्दी अर्थ
स्वधर्म देखकर भी भय न करना,
क्षत्रिय के लिए धर्मयुद्ध से बड़कर्,
कल्याण मार्ग में कुच्छ नहीं है करना.
इसलिए भय न कर, युद्ध कर. अ. 2 श्ल 31
आगे
यद्र्च्छया चोपपन्नं स्वर्गद्वारमपावृतम्.
सुखिनः क्षत्रियाः पार्थ लभंते युद्धमीदृशम्..
श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 2 श्लोक 32

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